व्हाइट ग्रब

व्हाइट ग्रब, स्क्रैब बीटल नामक कड़े काइटिन कवच वाले कीट के होते हैं. यह नाम कुछ-कुछ क्रैब से मिलता-जुलता है यानी केकड़े के जैसे दिखने वाले कीड़े. स्क्रैब बीटल की लगभग   30,000 प्रजातियां पाई जाती है.  विभिन्न प्रजातियों के लार्वा कम-ज्यादा मात्रा में पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं.  स्क्रैब बीटल  Read more…

थ्रिप्स का मैनेजमेंट

थ्रिप्स का परिचय थ्रिप्स बहुत छोटे कीट होते हैं। थ्रिप्स का सबसे पहला वर्णन फिलिपो बोनानी नामक कैथोलिक पादरी (1691) के कार्य में मिलता है. थ्रिप्स की लगभग 6000 प्रजातियां पाई जाती हैं, अधिकांश प्रजातियों को आँखों से देख कर अंतर कर पाना कठिन काम है। थ्रिप्स मुख्य रूप से Read more…

जिप्सम

जिप्सम जिप्सम एक खनिज-रसायन है जिसका फार्मूला CaSO4 होता है. इसके साथ पानी के दो अणु भी जुड़े रहते हैं. यानि हाइड्रेटेड कैल्शियम सल्फेट. इस रूप में यह पानी में अघुलनशील होता है. खेती में इसका मुख्य उपयोग मिट्टी से सोडियम हटाने के लिए किया जाता है. जिप्सम मिट्टी के Read more…

खरीफ के लिए सूक्ष्मजीव

मानसून का इंतजार कर रहे किसान जोर शोर से बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। प्लानिंग और समझदारी से की गयी खेती की शुरुआत, आगे आने वाली कई समस्याओं से बचा कर, फसल का अच्छा उत्पादन ला सकती है. बीज का सही चुनाव, सही समय पर बुवाई और विभिन्न कम Read more…

अरंडी की खेती

अरंडी की खेती -पुष्पेन्द्र अवधिया 9926622048/7987051207 फसल परिचय: कैस्टर (Ricinus communis) या अरंडी यूफोर्बिएसी परिवार का पौधा है जिसकी खेती इसके अखाद्य तेल के लिए की जाती है. अरंडी ऊसर जमीन में खेती के लिए उपयुक्त फसल है. फसल की अवधि ४-५ महीने की होती है. भारत में यह फसल Read more…

जीवाणु कंपोस्ट

जीवाणु कंपोस्ट -पुष्पेन्द्र अवधिया 9926622048/7987051207 जीवाणु कंपोस्ट, सूक्ष्मजीवों की मदद से तैयार किया गया कंपोस्ट है। सामान्य प्राकृतिक कंपोस्ट भी सूक्ष्मजीवों और कीटों की मदद से तैयार होता है परंतु जीवाणु कंपोस्ट इस मायने में अलग है कि इंसमे चयनित विशिष्ट सूक्ष्मजीव मानव द्वारा डाले जाते हैं, ठीक खेत की Read more…

पौधों के संकेतक

आइये पौधों के संकेतकों को समझें –पुष्पेन्द्र अवधिया 9926622048/7987051207   पौधे जंतुओं की तरह विपरीत परिस्थितियों में अपना स्थान नहीं छोड़ सकते न ही अनुकूल स्थान की ओर जा सकते. इन्हें अपने ही स्थान के अनुरूप ढलना होता है, इसलिए पौधे अपने पर्यावरण से तारतम्य स्थापित करने के लिए खास Read more…

गेहूं में प्राकृतिक एफिड नियंत्रण

बदलता क्लाइमेट, किसान का सबसे बड़ा सरदर्द है. यह किसान के लिए नई नई चुनौतियाँ खड़ी करता है. ऐसे रोग जो सामान्यतः किसी खास फसल में ही लगते थे, अब नई फसलों पर भी दिखने लगे हैं. ऐसी ही एक कीट जनित समस्या, रस चुसक कीट यानी एफिड, गेहूं में Read more…

पौधों की जड़ें और उनका सूक्ष्मजैविक सम्बन्ध

यूं तो पौधों की जड़ें, जल और उसमें घुले खनिज लवणों के अवशोषण के लिए जानी जाती है. जड़ें पौधों को जमीन में सीधा खड़ा रखती है और तेज हवा, पानी आदि के बहाव में बह जाने से रोकती हैं. इसके अलावा पौधों की जड़ें एक अन्य महत्वपूर्ण काम करती Read more…

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