आइए आज हम एक जहरीले तत्व के विषय में बात करते हैं, जो अनजाने में ही फ़र्टिलाइज़र के साथ हमारे खेतों में पहुंचता है और खेतों की उर्वरता कम कर देता है। इस तत्व का नाम है कैडमियम। यह तत्व सेल (टोर्च, घड़ी की बैटरी) में प्रयोग किया जाता है। कैडमियम पौधों सहित सभी जीवों के लिए जहरीला होता है। खेत मे इसकी उपस्थिति कृषि उत्पादन में कमी लाती है, जैसा कि कई किसान भाइयों का सवाल रहता है कि, सारे फ़र्टिलाइज़र डालने के बाद भी और उपयुक्त प्रबंधन करने के बाद भी खेती में उत्पादन कम क्यों होता जाता है? उसका एक कारण खेत में जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ना है। cadmium उन जहरीले तत्वों में से एक है।

स्त्रोत:

कैडमियम मुख्य रूप से फास्फोरस फ़र्टिलाइज़र और फैक्ट्री के उपोत्पाद वाले जिप्सम के माध्यम से खेतों में पहुंचता है। अशुद्ध या अंश शोधित जिंक और आयरन में भी कैडमियम की मात्रा पाई जाती है।

मोबिलाइजेशन:

अम्लीय मिट्टी में कैडमियम का पौधों द्वारा अवशोषण तेजी से होता है और इसके हानिकारक लक्षण तेजी से दिखते हैं. परंतु अम्लीय मिट्टी (pH 5-6.5) अन्य आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण के लिए जरूरी है। खेत में अम्लीयता बढ़ते जाने से कैडमियम की विषाक्तता भी बढ़ती जाती है। क्लोराइड की उपस्थिति में cadmium का पौधों द्वारा अवशोषण बढ़ जाता है। कपास जैसी फसलों के लिए क्लोराइड एक पोषक तत्व है।

लक्षण:

कैडमियम विषाक्तता के लक्षण-

  1. पत्तियों का पीला पड़ना और छोटा रह जाना
  2. पौधे के तने जड़ और पत्तियों की बढ़वार रुकना
  3. पौधों की बढ़वार रुकना और सभी प्रकार के पोषक देने के बाद भी वृद्धि नहीं होना
  4. जड़ों का काला पड़ना और संख्या कम होना

परीक्षण:

अगर खेत में कैडमियम की मात्रा बड़ी हुई है तो इसकी जांच मिट्टी परीक्षण और पौधों के ऐश एनालिसिस के माध्यम से की जा सकती है.

निदान:

कम्पोस्ट और आर्गेनिक मैटर या जीवांश द्वारा कैडमियम की विषाक्तता को नियंत्रित किया जा सकता है।

PGPR (पीजीपीआर) सूक्ष्म जीव मिट्टी में कैडमियम की विषाक्तता कम करते हैं।

अधिक जानकारी के लिए 9926622048 पर फ़ोन या व्हाट्सअप द्वारा संपर्क कर सकते हैं।


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