फसलों में सफ़ेद लट/व्हाइट ग्रब या गोबर कीट का नियंत्रण बहुत बड़ी और कठिन समस्या बनता जा रहा है. इस कीट का लम्बा एवं विविधतापूर्ण जीवनचक्र इसके नियंत्रण को कठिन बनाता है. व्हाइट ग्रब के नियंत्रण के लिए इसके जीवन चक्र और बायोलॉजी की समझ बहुत जरुरी है.

व्हाइट ग्रब


गोबर कीट यानी व्हाइट ग्रब को मारने के लिए प्रयोग किये जाने वाले रसायन, अत्यधिक विषैले और तीसरी पीढ़ी के कीटनाशक हैं जो फसल पर अपने अवशेष छोड़ते हैं (क्योंकि इस रसायनों के प्रभाव का डयूरेशन लंबा करने के लिए इनका डिजाईन ऐसा बनाया गया है की ये देर से अपघटित हों). फसलों पर बचे इस पेस्टिसाइड रेसिडयू के कारण फ़सल उत्पाद के निर्यात की संभावना क्षीण होती जाती है, और उत्पाद के का अवमूल्यन होता है, भाव कम होने का सीधा असर किसान की आय पर पड़ता है. पिछले साल (२०१७) में राजस्थान के किसानों को गोबर कीड़े के नियंत्रण के लिए घातक रसायनों के अंधाधुंध प्रयोग का खामियाजा भुगतना पड़ा, जब विदेशों ने रजिस्थानी मूंगफली के आयात को पेस्टिसाइड के अत्यधिक मात्रा के कारण रिजेक्ट कर दिया.

गोबर कीड़े से किसान का डर भी लाजमी है. औसत आकार के पौधे इसके एक ही हमले में धराशाई हो जाते है. गोबर कीट या तो जड़ो को खाता है या मांसल कालर को अपना निशाना बनाता है. बड़े पौधों में इसके बनाये घाव में अन्य मौकापरस्त जीव हमला कर स्थिति को और बिगाड़ देते हैं.

गोबर कीड़े के हमले को कुछ आसान कदम उठा कर बेअसर किया जा सकता है
  • खेत में कच्ची गोबर खाद कतई न डालें, कम्पोस्ट करने के उपरांत ही डालें.
  • खेत के आसपास मेड़ों पर कचरे का ढेर न रखें, कम्पोस्टिंग की जगह खेत से दुरी पर बनायें, सारा कृषि अपशिष्ट वही पर कम्पोस्ट करें.
  • खेत की निगरानी रखें, गोबर कीट के हमले का अंदेशा होने पर उसे ढूंढे, जड़ के आसपास जरूर मिलेगा.
  • अगर हमले की जगह मेड के आसपास की लाइन हैं, तो मेड की घास-फूस उखडवा कर मिटटी में से गोबर कीड़े बिनवा लें. गोबर कीट के नियंत्रण का यह सबसे प्रभवी, प्रकृति अनुकूल और निरापद उपाय है. कम खर्चीला और बहुत आसान भी है.
  • गोबर कीट के हमले की जगह पर कुछ दिन और निगरानी जरी रखें, मेड पर कुछ अधसड़ा गोबर और दाल दें ताकि नए निकले हुए और गहरे में छिपे व्हाइट ग्रब इससे आकर्षित हो कर इकट्ठे हो जाएँ.
  • सूक्ष्मजैविक कीटनाशकों का प्रयोग गोबर कीट की संख्या कम करने में सहायक है.

 

नीचे के चित्रों में आप सफ़ेद मूसली (औषधि, विदेशों में इम्पोर्ट होने वाली कैश क्रॉप) पर गोबर कीट के आक्रमण को देख सकते हैं.

व्हाइट ग्रब द्वारा नष्ट किया गया सफ़ेद मूसली का पौधा

नष्ट किये गए पौधों की जड़ों के आसपास से इकठ्ठा किये गए गोबर कीड़े

सावधानी से निरिक्षण करने के उपरांत प्रभावित लाइन के पास की मेड से खरपतवार की जड़ों से  इकठ्ठा किये गए गोबर कीट. इसप्रकार सिर्फ मजदूरी के खर्च पर सफ़ेद लट से खेत को निजात दिलवाई जा सकती है.

प्रभावित लाइन के पास की मेड से खरपतवार की जड़ों से इकठ्ठा किये गए गोबर कीट.

सलाह पर गंभीरता से अमल कर, त्वरित कार्य करके प्रकृति को अनावश्यक पेस्टिसाइड के बोझ से बचाने के के लिए किसान बंधू श्री मनीष जी कैलोत्रा (ग्राम कोदरिया) बधाई के पात्र हैं. मनीष जी बैक्टर विधि से सफ़ेद मूसली की खेती कर रहे हैं.

मनीष जी कैलोत्रा (ग्राम कोदरिया), बैक्टर विधि द्वारा उगाई जा रही सफ़ेद मूसली की फसल के साथ

अधिक जानकारी के लिए 9926622048 पर WhatsApp द्वारा संपर्क कर सकते हैं. या नीचे कमेन्ट बॉक्स में अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं.

 


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