सोयाबीन स्टेम फ्लाई या सोयाबीन की तनाछेदक मक्खी सोयाबीन का प्रमुख पेस्ट है. यह मक्खी सोयाबीन के कोमल पौधे पर अपने अंडे देती है जिससे निकलने वाला लार्वा पत्ती और तने को भीतर ही भीतर खोखला कर देता है. लीफ माइनर की तरह, पत्ती पैर सर्पिलाकार टनल वाले लक्षण भी दिखते हैं. ऊपर की दो कोमल पत्तियां इस मक्खी के अंडे देने की पसंदीदा जगह हैं. कई बार फुनगी से ले कर जड़ तक की लम्बी सुरंग मिलती है. शाखाओं का सूखना यह दिखाता है की लार्वा अंदर पहुच चुका है और उसने पिथ को खा लिया है.

सोयाबीन के पौधे पर बैठी हुई वयस्क सोयाबीन स्टेम फ्लाई

नियंत्रण:

खेतों में रोजाना भ्रमण करें. कीट दिखाई देने पर उनकी पहचान करने की कोशिश करें ताकि सही नियंत्रण विधि का चुनाव किया जा सके. कीट की पहचान न हो पाने पर चित्र खींच कर 9926622048 पर डिटेल सहित भेज दें.

सोयाबीन की तना छेदक मक्खी के एडल्ट्स का अंडे देने से पहले ही पीले और सफ़ेद स्टिकी ट्रैप द्वारा प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है. प्रति एकड़ १५-२० ट्रैप का प्रयोग करें. स्टिकी ट्रैप कई तरह के अन्य नुकसानदायक पेस्ट, जैसे सकिंग पेस्ट जो वायरस व अन्य बीमारियों के वाहक हैं, का भी नियंत्रण करते हैं.

विभिन्न प्रकार के कीट जो फूलों के पीले रंग से आकर्षित हो सकते हैं, पीले स्टिकी ट्रैप पर चिपके हुए

पेस्टिसाइड :

choloropyriphos (20 EC), २.५ ml/L या Qunolphos (25 EC) 2 ml/L का स्प्रे करें. १० दिन के अन्तर पर एक बार दोहराएँ. Triazophos या प्रोफेनोफोस + Cypermethrin का भी प्रयोग किया जा सकता है.


2 Comments

Dr. Ankush · 15/07/2018 at 11:23 AM

Above chemicals are not in label claim… Plz follow CIB recommendation

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