जीवाणु कंपोस्ट

-पुष्पेन्द्र अवधिया 9926622048/7987051207
जीवाणु कंपोस्ट, सूक्ष्मजीवों की मदद से तैयार किया गया कंपोस्ट है। सामान्य प्राकृतिक कंपोस्ट भी सूक्ष्मजीवों और कीटों की मदद से तैयार होता है परंतु जीवाणु कंपोस्ट इस मायने में अलग है कि इंसमे चयनित विशिष्ट सूक्ष्मजीव मानव द्वारा डाले जाते हैं, ठीक खेत की बुवाई के जैसे। इन सूक्ष्मजीवों के प्रयोग से-

1- कंपोस्ट बनाने की अवधि को कम हो जाती है (20-40 दिन में तैयार हो जाता है)

2- डाले गए सूक्ष्मजीव कंपोस्ट में ही विशिष्ट बायो केमिकल्स, एंजाइम आदि का निर्माण करते हैं, जो फसल के लिए कई प्रकार से लाभकारी हैं।

3- उच्च गुणवत्ता का कंपोस्ट तैयार होता है

कंपोस्ट तैयार करने वाले सूक्ष्मजीव फसल के कचरे के जैविक संरचना के अनुसार तैयार किये जाते हैं। इसके मायने यह हैं कि गोबर और धान के छिलके को एक ही सूक्ष्मजीव एक बराबर क्षमता से विघटित नहीं कर सकता। दोनों के लिए अलग प्रकार के सूक्ष्मजीव लगेंगे।

पौधों के अपशिष्ट (गोबर भी पौध अपशिष्ट का एक प्रकार है) को कंपोस्ट करने के लिए खास सूक्ष्मजीवों में विभिन्न प्रकार के एंजाइम बनाने की क्षमता होती है। ये एंजाइम पौधे की कोशिका भित्ति के विभिन्न अवयवों, पौधे द्वारा कोशिका में संचित भोज्य पदार्थों, और अन्य biochemicals को तोड़ कर पोषक पदार्थों को मुक्त करते हैं, जो फसल में डालने पर अन्य पौधों द्वारा अवशोषित किया जा सकते हैं। इन खास एंजाइम को निम्न श्रेणियों में बंटा जा सकता है।

1- सेलूलेज– पौधों की कोशिका भित्ति तोड़ने के लिए

2- पेक्टिनेज– पौधों की कोशिका भित्ति तोड़ने के लिए

3- एमाइलेज– कोशिका में संचित स्टार्च को तोड़ने के लिए

4- प्रोटीएज– कोशिका में संचित प्रोटीन को तोड़ कर एमिनो अम्ल बनाने के लिए

5- लाइपेज– कोशिका में संचित वसीय पदार्थो को तोड़ने के लिए

6- न्यूक्लिऎज– कोशिका के डी एन ए, आर एन ए आदि अनुवांशिक मटेरियल को तोड़ने के लिए

जिस खाद में कोशिका के अवयव बिना टूटे बने रहते हैं उसे कच्चा खाद कहा जाता है। अगर खेत मे कच्चा खाद डाल दिया जाए तो इसके अवयवों का फायदा उठा कर बीमारी फैलने वाले सूक्ष्मजीव अपनी संख्या बढ़ा लेते हैं और फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

सूक्ष्मजीवों को फसल अपशिष्ट और इकट्ठा किये हुए गोबर के मिश्रण में मिलाया जाता है। अच्छी सूक्ष्मजैविक कार्यक्षमता के लिए पर्याप्त नमी रखी जाती है। और ढेर को ढक दिया जाता है।

सूक्ष्मजैविक कल्चर को पर्याप्त पानी मे मिला कर अपशिष्ट के ढेर में अच्छी तरह मिलना बहुत जरूरी है।तभी तय समय में खाद तैयार हो पाएगी।

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार सूक्ष्मजीवों की मदद से लकड़ी का बुरादा और मुर्गी की बीट को 21 दिन में कंपोस्ट किया गया।

सूक्ष्मजीवों की मदद से 21 दिन में कंपोस्ट निर्माण

फसल अपशिष्ट और गोबर से जल्द और उपयोगी खाद निर्माण करने के लिए सूक्ष्मजैविक कॉन्सोर्टिया 9926622048 पर व्हाटसप करके प्राप्त कर सकते हैं।


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