आइये पौधों के संकेतकों को समझें

पुष्पेन्द्र अवधिया 9926622048/7987051207

 

पौधे जंतुओं की तरह विपरीत परिस्थितियों में अपना स्थान नहीं छोड़ सकते न ही अनुकूल स्थान की ओर जा सकते. इन्हें अपने ही स्थान के अनुरूप ढलना होता है, इसलिए पौधे अपने पर्यावरण से तारतम्य स्थापित करने के लिए खास प्रकार के संकेतकों का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे उपलब्ध संसाधनों का समुचित प्रयोग कर सकें और कठिन परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकें. अन्यथा मारे जायेंगे.

इस लेख को पढने के बाद आप यह समझ पाएंगे की इन संकेतकों से अनावश्यक छेड़छाड़ फसल की पैदावार को कैसे प्रभावित कर सकती है.

पौधे विभिन्न हर्मोन (संकेतक के रूप में काम करते हैं.) के माध्यम, अपनी वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं. इन्हें वृद्धि नियंत्रक भी कहा जाता है. स्वस्थ पौधा जरुरत के अनुसार इन तत्वों का निर्माण स्वयं करने में सक्षम होता है. लाभदायक या हानिकारक सूक्ष्मजीवों की उपस्थिति, पोषक तत्वों की उपस्थिति, मौसम और तापमान, नमी, रोशनी आदि वे कारक हैं, जो इन हार्मोंस का निर्माण और विनाश तय करते हैं. ये हार्मोन बहुत ही कम समय में अपना प्रभाव पौधे की कोशिकाओं पर प्रदर्शित करते हैं.

इन होर्मोन (बायो केमिकल) के नाम हैं-

  • इथीलीन
  • औक्सिन
  • साईटोकाइनिन
  • जिब्बर्लिन
  • अब्सिसिक एसिड
  • ब्रेसिनोलाईड

इन होर्मोंस के प्रभाव एक दुसरे की उपस्थिति से भी प्रभावित होते हैं.

इथीलीन

यह गैसीय हर्मोन है जो फल पकाने, पत्ती झड़ने, और कम उम्र में ही पौधे के बूढ़े हो जाने को प्रेरित करता है. इसकी उपस्थिति में पौधे की बढ़वार रुक जाती है.

यह पौधों में खतरे/कठिन समय के सिग्नल की तरह कम करता है. उदाहरण के लिए,-घाव, इन्फेक्शन, पानी भरा हुआ खेत, चट्टानी खेत आदि ईथीलीन का निर्माण प्रेरित करते हैं.

पौधों के लिए यह सबसे अहम् हॉर्मोन है. गैसीय रूप में यह एक बड़े इलाके के पौधों को खतरे की सूचना पहुँचाने में सक्षम है. पौधों की कोशिकाओं में इस हर्मोन की सूक्ष्मतम मात्रा को भी हवा में ढूंढ लेने की क्षमता होती है.

इस हार्मोन के काम करने के लिए पौधे को अल्प मात्र में कॉपर की जरुरत होती है.

जहाँ ईथीलीन की उपस्थिति पौधे की वृद्धि रोकती है, अमोनियम आयन (फ़र्टिलाइज़र या प्राकृतिक), पौधे वृद्दि प्रेरित करता है (पौधे की उम्र के अनुसार).

क्रमशः….


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कृपया कॉपी न करें, बल्कि लिंक शेयर करें. धन्यवाद्!
%d bloggers like this: