अम्लीयता और क्षारीयता वे रासायनिक गुण हैं जो लगभग जीवन की हर प्रक्रिया को प्रभावित करते है। वैसे तो सामान्य बोलचाल में खट्टे को अम्लीय कहा जाता है परंतु यह जरूरी नहीं कि हर अम्लीय वस्तु खट्टी ही हो। यह समझने की जरूरत है की अम्लीयता और क्षारीयता परस्पर रिलेटिव टर्म्स है, यानी एक दूसरे से तुलना में ही ये शब्द काम आते हैं।

pH स्केल, किसी भी पदार्थ/मिट्टी की अम्लीयता और क्षरीयता नापने का पैमाना है। इसकी रेंज 0 से 14 के बीच होती है। 7 pH मान को न्यूट्रल माना जाता है, जबकि 0 को सर्वाधिक अम्लीय और 14 को सर्वाधिक क्षारीय।

आइए मुद्दे पर आते हैं। जमीन अम्लीय होने का अर्थ यह है कि जमीन में आर्गेनिक एसिड अधिकता में हों, जैसे तालाब या पोखर की मिट्टी। सूक्ष्म जैविक क्रिया से यह जल्द ही सामान्य हो जाती है। इसी प्रकार जमीन की क्षारीयता से तात्पर्य है कि जमीन में सोडीयम कार्बोनेट या बाइकार्बोनेट की अधिकता हो। यह बहुत कठिनाई से ठीक होने वाली समस्या है।

पानी एक अच्छा उदाहरण है। शुद्ध पानी का pH 7 यानी न्यूट्रल होता है। यह एक हाइड्रोजन आयन (एसिड)और एक हैड्रॉक्सिल आयन (क्षारीय) से मिलकर बनता है।

अम्लीयता और क्षरीयता बहुत से पोषक तत्वों की उपलब्धता प्रभावित करती है।

पौधों के लिए जरूरी धन आवेश धारी तत्व

K (potassium)
Na (sodium)
Mg (magnesium)
Fe (iron)
Zn (zinc)
Mn (manganese)
NH4 (ammonium)

पौधों के लिए जरूरी ऋण आवेश वाले तत्व/आयन

PO4 (phosphate)

SO4 (sulfate)
NO3 (Nitrate)
Cl (cloride)
BO3 (borate)

इस लिस्ट से आप यह पता लगा सकते हैं कि मोटे तौर पर कौन से तत्वों की उपलब्धता अम्लीयता से प्रभावित होगीे और कौन से तत्वों की क्षारीयता से।

जमीन की क्षरीयता ज्यादा नुकसानदेह है।

जमीन की क्षरीयता ज्यादातर सोडियम (मुख्यतः सोडियम कार्बोनेट और सोडियम bicarbonate)की अधिकता से होती है। ज्यादा मात्रा में यूरिया के इस्तेमाल से भी जमीन में सोडियम की मात्रा बढ़ती है. ज्यादा सिंचाई भी इसकी बड़ी वजह है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कृपया कॉपी न करें, बल्कि लिंक शेयर करें. धन्यवाद्!
%d bloggers like this: