टमाटर किसानों को अच्छी आय दिलाने वाली फसलों में से है।

सही मैनेजमेंट होने पर यह फसल इतनी पैदावार देती है को भाव कम भी मिलें तो भी ठीक ठाक मुनाफा हो जाता है। अच्छे भाव रहने पर तो कहना ही क्या!

अधिक उत्पादन होने के कारण टमाटर की फसल में पोषण प्रबंधन के साथ साथ उनका सही अवशोषण सुनिश्चित करना आवश्यक होता है। इस का में दक्ष मित्र सूक्ष्मजीव किसान के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होते हैं।

टमाटर की फसल के लिए लाभकारी सूक्ष्मजीव-

  1. नाइट्रोजन स्थिरिकारक जीवाणु
  2. फंगस से बचाव के लिए मित्र सूक्ष्मजीव
  3. फॉस्फोरस घोलक जीवाणु
  4. पोटैशियम घोलक जीवाणु
  5. निमेटोड के नियंत्रण के लिए मित्र सूक्ष्मजीव
  6. माइकोराइजा

नाइट्रोजन स्थिरिकारक जीवाणु और फंगस से बचाव के लिए मित्र सूक्ष्मजीवों को नर्सरी अवस्था से ही प्रयोग करना चाहिए। अगर नर्सरी में प्रयोग न कर पाएं तो रोपाई के ठीक बाद ड्रेंचिंग विधि से डालना चाहिए।

फ्यूजेरियम और वेर्टिसिल्लियम नामक रोगकरक फंगस टमाटर के लिए असमय काल बनकर आती है। ट्राइकोडर्मा नामक फफूंद के अच्छे स्ट्रेन इन रोगकारक फफूंद को फैलने से रोकते हैं।

निमेटोड भी टमाटर के लिए बहुत विनाशकारी साबित होता है। खासकर उन खेतों में जहां ओर्गानिक तत्व की कमी होती है या रेतीली मिट्टी होती है। इस नुकसानदायक जीव को नियंत्रित करने के लिए मुख्यतः पेसिलोमैसेस का प्रयोग किया जाता है।

क्रमशः…

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