Agriculture

agriculture यानी खेती किसी भी समाज के विकास की नींव होती है. agriculture सीधे तौर पर पर्यावरण से जुडा काम है. इस पर्यावरण में हवा, पानी, मिट्टी, सूक्ष्म जीव, कीट पतंगे, पशु पक्षी और मानव शामिल हैं.

sugarcane pokkah boeng

गन्ने का पोक्का बोईंग (Pokkah Boeng) रोग

पोक्का बोइंग (Pokkah Boeng) एक जापानी नाम है जिसका आशय मुड़े तुड़े शीर्ष से है. इस बीमारी में गन्ने कि शीर्ष वाली पत्ती डिसटॉर्ट (ख़राब)… Read More »गन्ने का पोक्का बोईंग (Pokkah Boeng) रोग

हरी सेमीलूपर इल्ली (B) Chrysodeixis acuta- bacter

सोयाबीन के प्रमुख कीट (Pests of Soybean)

भारत में लगभग 260 लाख एकड़ में सोयाबीन (Soybean) की खेती होती है. अकेले मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजिस्थान मिला कर भारत के कुल सोयाबीन उत्पादन… Read More »सोयाबीन के प्रमुख कीट (Pests of Soybean)

pumpkin

कद्दू (Pumpkin) की खेती: समस्याएँ और समाधान

कद्दू (Pumpkin) किसान के कम खर्चे में अच्छा मुनाफा देने वाली फसल मानी जाती है. आम जानता द्वारा संभवतः आलू के बाद सबसे ज्यादा पसंद… Read More »कद्दू (Pumpkin) की खेती: समस्याएँ और समाधान

yellow trap

कीटनाशियों का विकल्प: यलो ट्रैप (Yellow Trap)

यलो ट्रैप (Yellow Trap) यानी पीली चिपचिपी पट्टियाँ जहर रहित कीट नियंत्रण की एक विधि है और कीटनाशियों का बेहतर विकल्प भी हैं. इस विधि में कीट रंग से आकर्षित हो कर पट्टी पर लगी गोंद से चिपक …

कपास (cotton) की कहानी

उच्च गुणवत्ता वाले अच्छे कपास तंतुओं की अधिकतम पैदावार पाने के लिए नाइट्रोजन और पोटाश कि मुख्य रूप से जरुरत होती है. जमीन में दिया गया नाइट्रोजन अमोनिया और नाइट्रोजन गैस बनकर उड़ता भी है, पानी के साथ बह भी जाता है. जमीन के बैक्टीरिया नाइट्रोजन…

Agriculture में एज़ोटोबैक्टर (Azotobacter)

नाइट्रोजन कि कमी को प्रकृति अनुकूल विधि से पूरा करने के लिए एजोटोबैक्टर का प्रयोग किया जा सकता है. यह सूक्ष्मजीव हवा की नाइट्रोजन को पौधों के लिए उपयोगी खाद यानी अमोनियम रूप में बदल देता है.

pH scale

भूमि का पीएच (pH) मान खेती को कैसे प्रभावित करता है?

भूमि का पीएच (pH) मान खेती को प्रभावित करता है? अगर जमीन का pH सही रेंज में नहीं हो तो डाले गए खाद अदि का… Read More »भूमि का पीएच (pH) मान खेती को कैसे प्रभावित करता है?